दूध बढाने के लिए
Milk production
दूध हमारे भोजन का एक अभिन्न हिस्सा है। मनुष्य रोजाना किसी न किसी रूप में दूध को ग्रहण करते है। जैसे कि दूध, दही, घी, छाछ, मक्खन इत्यादि। दूध के बिना मानव जीवन अधूरा सा लगता है। आज के इस आधुनिक युग में घरों में पशु बहुत ही कम हो गए है। लेकिन दूध की खपत बढ़ती जा रही है। ऐसे में हमें अच्छी गुणवत्ता के पशु घर में रखने चाहिए जो अधिक मात्रा में व अच्छी गुणवत्ता का दूध देवे। जिससे किसान के घर में खाने को गुणवत्ता भी बढ़े और उसकी आजीविका भी बढ़े। लेकिन कई बार अच्छे उत्पादन वाला पशु भी पूरा दूध नहीं देता है तब किसान की चिंता बढ़ जाती है कि पता नहीं उसके पशु को क्या हो गया है? उसका पशु पूरा दूध क्यों नहीं दे रहा है।
पशु के दूध कम देने के कई कारण ही सकते है। उन सभी कारणों के बारे में हम विस्तार से चर्चा करेंगे तथा उसके उपाय के बारे में भी जानेंगे।
बच्चा देने के बाद पूरी क्षमता से दूध न देना - कई बार पशु बयाने के बाद पिछले ब्यात से भी कम दूध देता है। वह अपने पूर्ण क्षमता से दूध नहीं दे पाता। तो ऐसे समय में हमें यह देखना है कि कही हमारे पशु को बच्चा देते समय परेशानी तो नहीं हुई थी। अगर पशु को बच्चा देने में किसी प्रकार की परेशानी हुई थी या पशु चिकित्सक की मदद से बच्चा निकलवाया था या बयाने के बाद कर डालने में कोई परेशानी हुई थी। तो ऐसे परिस्थिति में पशु की बच्चेदानी के अंदर संक्रमण फैल जाता है। ओर जब तक पशु की बच्चेदानी में संक्रमण रहेगा तब तक पशु अपनी पूरी क्षमता से दूध नहीं दे पाएगा। तो इसके निवारण की लिए अपने नजदीकी पशु चिकित्सक को बुलाकर संक्रमण का इलाज कराए। संक्रमण के इलाज के बाद पशु को संतुलित आहार देवे और इसके साथ ही पशु को अच्छी गुणवत्ता का खनिज मिश्रण और अच्छी गुणवत्ता की कैल्शियम पिलाए। इससे पशु अवश्य की अपनी पूरी क्षमता से दूध देगा।
ऊर्जा की कमी - कई बार बच्चा देने के बाद अगर पशु के शरीर में कमजोरी आ जाती है जिससे पशु सही से दूध नहीं दे पाता। अगर आपके पशु ने बच्चा देने के बाद दाना खाना छोड़ दिया है तो इसका मतलब यह है कि आपके पशु के शरीर में ऊर्जा की कमी हो गई है। जब पशु बच्चे को जन्म देता है तो उस समय पशु अपने शरीर की बहुत सारी ऊर्जा बच्चा देने में लगा देता है और उसके बाद जब पशु अपने बच्चे के लिए दूध बनाना शुरू करता है तो उसमें भी पशु के शरीर की बहुत सारी ऊर्जा खर्च होती है। ऐसी परिस्थिति में अगर पशु को अधिक ऊर्जा वाला खाना न मिले तो पशु के शरीर में कमजोरी आने लगती है जिससे पशु सही ढंग से दूध नहीं दे पाता। इसलिए पशु बयाने के बाद हमें पशु को अधिक वाला वाला खाना देना चाहिए । इसमें हम पशु को गुड खिला सकते है। गुड ऊर्जा का एक बहुत ही अच्छा साधन है इसलिए पशु को बयाने के बाद रोजाना 300-400 ग्राम गुड देना चाहिए। इससे पशु को अच्छी मात्रा में ऊर्जा मिलेगी और पशु अच्छा दूध देगा। यदि आपका पशु गुड नहीं खा रहा है तो आप उसे एक एनर्जी का सप्लिमेंट पिलाए जैसे कि Himshakti, Enerdyna, e-booster, protien c keta plus, anabolite etc कुछ बाजार में मिलने वाले अच्छी गुणवत्ता के एनर्जी सप्लिमेंट है। इनके पिलाने से भी पशु का दूध बढ़ता है।
जब पशु को बच्चा दिए हुए काफी दिन हो जाते है तो पशु धीरे धीरे दूध देना कम कर देता है तो ऐसी परिस्थिति में पशु को अच्छी गुणवत्ता की कैल्शियम पिलाकर दूध बढ़ाया जा सकता है। जैसे कि calshakti platina, inocal, protien C, himcal, calpond etc
यदि आपका पशु बीमार होने के कारण दूध कम कर देता है और बाद में बीमारी ठीक होने के बाद भी दूध नहीं बढ़ता है तो ऐसी स्थिति में पशु को एनर्जी सप्लिमेंट और पिलाने वाली कैल्शियम दोनों एक साथ देवे इससे अवश्य ही पशु को उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और पशु भी स्वस्थ होगा।
नोट : अपने पशु को किसी भी प्रकार की दवाई देने से पहले अपने नजदीकी पशु चिकित्सक से सलाह अवश्य ले|

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